बवासीर, जिसे पाइल्स (Piles) भी कहा जाता है, एक दर्दनाक और असहज करने वाली समस्या है, जो मलाशय और गुदा क्षेत्र की नसों में सूजन के कारण होती है। यह समस्या मुख्य रूप से लंबे समय तक कब्ज, अनियमित आहार, कम पानी पीने और ज्यादा देर तक बैठने से होती है। बवासीर दो प्रकार की होती है – खूनी बवासीर (जिसमें मलत्याग के दौरान खून आता है) और बादी बवासीर (जिसमें दर्द और सूजन होती है लेकिन खून नहीं आता)। अगर सही समय पर इलाज न किया जाए, तो यह समस्या गंभीर हो सकती है।
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होम्योपैथी इलाज और कुछ घरेलू उपाय अपनाकर बवासीर को जड़ से खत्म किया जा सकता है।
बवासीर के लक्षण
- मलत्याग के दौरान दर्द और जलन
- गुदा क्षेत्र में खुजली और असहजता
- गुदा के पास गांठ बन जाना
- खूनी बवासीर में मल के साथ खून आना
- बैठने में परेशानी
बवासीर को जड़ से खत्म करने के घरेलू उपाय
1. फाइबर युक्त आहार लें
कब्ज बवासीर का सबसे बड़ा कारण है, इसलिए अपनी डाइट में फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ शामिल करें।
- हरी सब्जियां, फल, दालें और साबुत अनाज खाएं
- रोजाना 8-10 गिलास पानी पिएं
- तला-भुना और मसालेदार खाना कम करें
2. त्रिफला चूर्ण का सेवन करें
त्रिफला एक आयुर्वेदिक औषधि है जो कब्ज को दूर करता है और मल को नरम बनाकर दर्द को कम करता है। रोज रात को एक चम्मच त्रिफला चूर्ण गुनगुने पानी के साथ लें।
3. नारियल तेल और एलोवेरा जेल लगाएं
गुदा क्षेत्र में जलन और खुजली से राहत पाने के लिए नारियल तेल या एलोवेरा जेल लगाएं। यह एंटी-इंफ्लेमेटरी होता है और सूजन को कम करता है।
4. गर्म पानी से सिकाई करें
गर्म पानी में हल्का सा सेंधा नमक डालकर उसमें 10-15 मिनट बैठें। यह तरीका दर्द और सूजन को कम करने में बहुत प्रभावी है।
5. नींबू और शहद पिएं
नींबू और शहद को गुनगुने पानी में मिलाकर पीने से पाचन अच्छा होता है और बवासीर में राहत मिलती है।
होम्योपैथी से बवासीर का इलाज
होम्योपैथी दवाएं बिना किसी साइड इफेक्ट के बवासीर को जड़ से ठीक करने में मदद करती हैं।
1. एस्कुलस हिप्पोकास्टेनम (Aesculus Hippocastanum)
- ज्यादा दर्द और सूजन वाली बवासीर के लिए
- लंबे समय तक बैठे रहने से होने वाली परेशानी में असरदार
2. हेमामेलिस (Hamamelis)
- खूनी बवासीर के लिए सबसे असरदार दवा
- खून का बहाव रोकता है और नसों को मजबूत बनाता है
3. नक्स वोमिका (Nux Vomica)
- ज्यादा मिर्च-मसालेदार भोजन करने से होने वाली बवासीर के लिए
- कब्ज से राहत दिलाने में मदद करता है
4. सिलिका (Silicea)
- गुदा क्षेत्र में फोड़े-फुंसी और गांठ बन जाने पर असरदार
- पुरानी बवासीर के इलाज में उपयोगी
5. रटानिया (Ratanhia)
- जलन और दर्द के साथ होने वाली बवासीर के लिए
- मलत्याग के समय होने वाले असहनीय दर्द में आराम देता है
6. एलो सोकोत्रिना (Aloe Socotrina)
- गुदा से मांस का बाहर आना और सूजन के लिए असरदार
- तुरंत आराम देने वाली दवाओं में से एक
बवासीर के इलाज में ध्यान देने योग्य बातें
- बहुत देर तक एक ही जगह न बैठें, समय-समय पर हल्का व्यायाम करें
- ज्यादा मिर्च-मसाले और जंक फूड खाने से बचें
- शरीर को हाइड्रेटेड रखें
- होम्योपैथी दवा लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लें
निष्कर्ष
बवासीर एक आम समस्या है लेकिन सही आहार, जीवनशैली में बदलाव और होम्योपैथी इलाज से इसे जड़ से खत्म किया जा सकता है। अगर समस्या ज्यादा गंभीर हो, तो डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।